शादी के शुभ मुहूर्त 2026–27: नवंबर 2026 से मार्च 2027 की विवाह तिथियाँ
Posted on October 28, 2026

Vivah Muhurat 2026–27: Shaadi Ke Shubh Muhurat, November 2026 se March 2027 (Full List)

Written by : Badhaai Do
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शादी के शुभ मुहूर्त 2026–27: चातुर्मास के बाद देवउठनी एकादशी (शुक्रवार, 20 नवंबर 2026) से शादियों का सीज़न फिर शुरू हो रहा है। नीचे नवंबर 2026 से मार्च 2027 तक की सभी विवाह तिथियाँ, उनका नक्षत्र और वे समय दिए हैं जब शादियाँ नहीं होतीं (खरमास और होलाष्टक)। तिथियाँ पंचांग के अनुसार हैं और कम से कम दो स्रोतों से मिलाई गई हैं।

एक नज़र में: 2026–27 में कुल 40 विवाह मुहूर्त

  • नवंबर 2026: 21, 24, 25, 26 (4 दिन)
  • दिसंबर 2026: 2, 3, 4, 5, 6, 11, 12 (7 दिन)
  • 16 दिसंबर – 14 जनवरी: खरमास, इस दौरान विवाह नहीं
  • जनवरी 2027: 15, 18, 19, 20, 24, 26, 27, 30, 31 (9 दिन)
  • फरवरी 2027: 2, 3, 9, 10, 11, 14, 15, 21, 22, 25, 26, 27, 28 (13 दिन)
  • मार्च 2027: 1, 2, 3, 4, 9, 10, 14 (7 दिन)
  • 15 मार्च – 14 अप्रैल 2027: मीन संक्रांति (खरमास), विवाह नहीं

नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त

तारीखदिननक्षत्र
21 नवंबर 2026शनिवाररेवती
24 नवंबर 2026मंगलवाररोहिणी
25 नवंबर 2026बुधवाररोहिणी, मृगशिरा
26 नवंबर 2026गुरुवारमृगशिरा

चातुर्मास 19 नवंबर को समाप्त होता है। देवउठनी एकादशी (20 नवंबर) को राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अबूझ मुहूर्त मानकर भी शादियाँ होती हैं, हालाँकि पंचांग में उस दिन का पूरा मुहूर्त नहीं बनता। तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर को है।

दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त

तारीखदिननक्षत्र
2 दिसंबर 2026बुधवारउत्तरा फाल्गुनी
3 दिसंबर 2026गुरुवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्त
4 दिसंबर 2026शुक्रवारहस्त
5 दिसंबर 2026शनिवारस्वाति
6 दिसंबर 2026रविवारस्वाति
11 दिसंबर 2026शुक्रवारउत्तराषाढ़ा
12 दिसंबर 2026शनिवारउत्तराषाढ़ा

12 दिसंबर 2026 इस साल का आख़िरी विवाह मुहूर्त है। 16 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, और उसके साथ खरमास (धनुर्मास) शुरू हो जाता है, जो 14 जनवरी 2027 तक चलता है।

जनवरी 2027 के विवाह मुहूर्त

तारीखदिननक्षत्र
15 जनवरी 2027शुक्रवाररेवती
18 जनवरी 2027सोमवाररोहिणी, कृत्तिका
19 जनवरी 2027मंगलवाररोहिणी, मृगशिरा
20 जनवरी 2027बुधवारमृगशिरा
24 जनवरी 2027रविवारमघा
26 जनवरी 2027मंगलवारउत्तरा फाल्गुनी, हस्त
27 जनवरी 2027बुधवारहस्त
30 जनवरी 2027शनिवारअनुराधा
31 जनवरी 2027रविवारअनुराधा

मकर संक्रांति (15 जनवरी) के साथ खरमास खत्म होते ही उसी दिन से शादियाँ फिर शुरू हो जाती हैं।

फरवरी 2027 के विवाह मुहूर्त

तारीखदिननक्षत्र
2 फरवरी 2027मंगलवारमूल
3 फरवरी 2027बुधवारमूल
9 फरवरी 2027मंगलवारउत्तरा भाद्रपद
10 फरवरी 2027बुधवारउत्तरा भाद्रपद, रेवती
11 फरवरी 2027गुरुवाररेवती
14 फरवरी 2027रविवाररोहिणी
15 फरवरी 2027सोमवाररोहिणी
21 फरवरी 2027रविवारमघा
22 फरवरी 2027सोमवारउत्तरा फाल्गुनी
25 फरवरी 2027गुरुवारस्वाति
26 फरवरी 2027शुक्रवारस्वाति
27 फरवरी 2027शनिवारअनुराधा
28 फरवरी 2027रविवारअनुराधा

फरवरी 2027 इस सीज़न का सबसे व्यस्त महीना है, जिसमें 13 मुहूर्त हैं। 14 फरवरी (रविवार, रोहिणी नक्षत्र) और 21–22 फरवरी के वीकेंड पर बैंक्वेट, बैंड और कैटरर सबसे पहले बुक होंगे।

मार्च 2027 के विवाह मुहूर्त

तारीखदिननक्षत्र
1 मार्च 2027सोमवारमूल
2 मार्च 2027मंगलवारमूल
3 मार्च 2027बुधवारउत्तराषाढ़ा
4 मार्च 2027गुरुवारउत्तराषाढ़ा
9 मार्च 2027मंगलवारउत्तरा भाद्रपद
10 मार्च 2027बुधवारउत्तरा भाद्रपद, रेवती
14 मार्च 2027रविवाररोहिणी

15 मार्च को सूर्य मीन राशि में आते हैं, इसलिए 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक फिर विवाह नहीं होते। होली 22 मार्च 2027 को है, और कई परिवार होली से पहले के आठ दिन (होलाष्टक) में भी शुभ काम नहीं करते। अप्रैल–जुलाई 2027 के मुहूर्त हम जल्द इसी पेज पर जोड़ेंगे।

किन समय में शादी नहीं होती

  • चातुर्मास: देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक (2026 में 19 नवंबर तक)। मान्यता है कि इन चार महीनों में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं।
  • खरमास (धनु संक्रांति): 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक।
  • मीन संक्रांति: 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक।
  • होलाष्टक: होलिका दहन से पहले के आठ दिन, जिन्हें कई परिवार मानते हैं।
  • गुरु या शुक्र अस्त: इस सीज़न (नवंबर 2026 से मार्च 2027) में ऐसा कोई समय नहीं है।

मुहूर्त चुनते समय ध्यान रखें

  • ऊपर दी गई तारीखें सामान्य पंचांग के अनुसार हैं। लग्न का सही समय शहर, वर-वधू की कुंडली और गुण-मिलान पर निर्भर करता है, इसलिए अंतिम तारीख अपने कुल-पुरोहित या पंडित जी से ज़रूर तय करवाएँ।
  • उत्तर भारत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के पंचांगों में एक–दो तिथियों का अंतर हो सकता है।
  • मुहूर्त वाले दिनों में, खासकर वीकेंड पर, बैंक्वेट हॉल, घोड़ी, बैंड और फोटोग्राफर महीनों पहले बुक हो जाते हैं। तारीख तय होते ही बुकिंग कर लें।
  • कई तिथियों पर मुहूर्त रात से अगली सुबह तक का होता है। फेरों का सही समय पंडित जी से पहले से तय कर लें।

शादी की तैयारी के लिए फ्री टूल

स्रोत: तिथियाँ और नक्षत्र द्रिक पंचांग (नई दिल्ली) के आधार पर हैं और अन्य प्रकाशित पंचांग सूचियों से मिलाए गए हैं। अक्टूबर 2026 तक की जानकारी।

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